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करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का मामला: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी निलंबित

टीएनटी लीगल की शिकायत पर हुई जांच, प्रथम दृष्टया गंभीर आर्थिक अनियमितताएं मिलीं

 

शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग

शिकायत मिलने के बाद लंबे समय तक जांच में देरी होती रही। शिकायतकर्ता कुणाल ठाकुर द्वारा लगातार रिमाइंडर भेजे जाने तथा आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, भोपाल के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार जांच के आदेश दिए गए। दो सदस्यीय जांच दल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कई आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया।

जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

अंतरिम जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 के धान उपार्जन में खरीदी व्यय को शासन द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक दर्शाकर वित्तीय अनियमितता की गई। इसके अलावा फील्ड कर्मचारियों से अपने निजी बैंक खाते में धन हस्तांतरित कराने तथा जिला बैंक के नवनियुक्त समिति प्रबंधकों से ‘खली-चुनी’ के नाम पर निजी खाते में राशि जमा कराने जैसी गंभीर शिकायतें भी प्रथम दृष्टया सही पाई गईं।

जांच रिपोर्ट में इन कृत्यों को बैंक सेवा नियमों के अंतर्गत गंभीर दुराचार की श्रेणी में माना गया है।

तीन जिलों में फैला था कथित वसूली का नेटवर्क

शिकायतकर्ता कुणाल ठाकुर का आरोप है कि उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों के कई शाखा प्रबंधकों से अवैध वसूली कराई गई। नौगवां, कुम्हरवाह, कोटरी, राजेंद्रग्राम सहित कई सहकारी समितियों में बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ प्रशासकों और शाखा प्रबंधकों ने भी कथित रूप से इस पूरे नेटवर्क में भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) एवं लोकायुक्त को भेजी जा चुकी है।

भोपाल मुख्यालय ने जारी किया निलंबन आदेश

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, भोपाल के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अंतरिम जांच रिपोर्ट में गंभीर आर्थिक अनियमितताएं सामने आने के कारण संतोष कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय शाखा रीवा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

अब अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की नजर

मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निलंबन के बाद अब निगाहें उन अन्य अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों और संबंधित कर्मचारियों पर टिकी हैं जिनके नाम शिकायत और जांच में सामने आए हैं। माना जा रहा है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई की संभावना है।

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