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बांधवगढ़ में कोर जोन के लिए मोबाइल प्रतिबंध लागू, वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

उमरिया। वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कोर जोन में मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्ती लागू कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप यह निर्णय जंगल के प्राकृतिक वातावरण, वन्यजीवों की सुरक्षा तथा अनुशासित पर्यटन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

10 जून को क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में पर्यटन अधिकारी अंकित सोनी, वनपरीक्षेत्र अधिकारी राहुल किरार एवं एसडीओ दिलीप मराठा ने गाइडों और वाहन चालकों को नए निर्देशों की जानकारी देते हुए उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वन विभाग के अनुसार, पूर्व में मोबाइल उपयोग, वन्यजीवों के आसपास वाहनों की अनावश्यक भीड़ तथा तेज गति से वाहन संचालन के मामलों में कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद शिकायतें लगातार सामने आने पर प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए कोर जोन में मोबाइल उपयोग को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया।

अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल के माध्यम से वन्यजीवों की लोकेशन साझा होने और एक ही स्थान पर वाहनों के एकत्र होने से वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित होता है। नई व्यवस्था से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा संरक्षण कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

वैकल्पिक गाइड व्यवस्था समाप्त करने की उठी मांग

मोबाइल प्रतिबंध के बाद स्थानीय गाइडों और वाहन चालकों ने पर्यटन व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सभी पंजीकृत गाइडों को रोस्टर प्रणाली के तहत समान अवसर मिलना चाहिए। स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि नई व्यवस्था से कथित वैकल्पिक या मनचाहे गाइडों की प्रणाली पर अंकुश लगेगा और पर्यटन संचालन अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनेगा।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं पार्क के नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार यह पहल बांधवगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को नई मजबूती प्रदान करेगी।