जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक हितग्राही परिवार को लगातार तीन महीने तक राशन नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। खाद्य विभाग की जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई है।
इसके बाद विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए एसडीएम को भेज दी है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि पात्र होने के बावजूद उन्हें लगातार तीन माह से राशन नहीं दिया गया। शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग ने मौके पर जांच कर दस्तावेजों और वितरण रिकॉर्ड का परीक्षण किया। जांच में अनियमितता सामने आने के बाद रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को भेज दी गई है, जहां अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई होगी।

गरीबों के हक पर डाका या सिस्टम की लापरवाही ?यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सरकारी राशन वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। यदि पात्र हितग्राहियों को महीनों तक राशन नहीं मिलता, तो जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होना जरूरी है।
अब सबकी नजर SDM के फैसले पर जांच रिपोर्ट एसडीएम के पास पहुंचने के बाद उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी और पीड़ित परिवार को उसका लंबित राशन उपलब्ध कराया जाएगा। यदि कार्रवाई में देरी होती है तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
