पाली उमरिया, 18 जुलाई 2026। मानसून की दस्तक के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में रीवा संभाग के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जी. एस. परिहार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पाली का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डायरिया, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिए।

एक्सपायरी दवाओं पर सख्त चेतावनी, बफर स्टॉक रखने के निर्देश निरीक्षण के दौरान डॉ. परिहार ने अस्पताल के दवा भंडार का जायजा लिया और स्टोर प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि एक्सपायरी डेट पार कर चुकी दवाओं को तत्काल मुख्य स्टॉक से अलग किया जाए और उनका अलग रिकॉर्ड संधारित किया जाए। इसके साथ ही संभावित आपात स्थितियों और बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए अस्पताल में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने तथा समय रहते दवा आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पैथोलॉजी लैब की जांच, समय पर रिपोर्ट देने पर जोर क्षेत्रीय संचालक ने अस्पताल की पैथोलॉजी लैब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ‘साइंस हाउस’ के माध्यम से संचालित लगभग 80 प्रकार की जांच सुविधाओं की जानकारी ली और मरीजों को निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में अनावश्यक देरी मरीजों के उपचार को प्रभावित करती है, इसलिए प्रत्येक हितग्राही को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
डायरिया-टाइफाइड हॉटस्पॉट चिन्हित करने के निर्देश मानसून सीजन को देखते हुए डॉ. परिहार ने स्वास्थ्य अधिकारियों को उन गांवों और वार्डों की पहचान करने के निर्देश दिए जहां पिछले वर्षों में डायरिया और टाइफाइड के सर्वाधिक मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जिंक, ओआरएस और अन्य आवश्यक दवाओं की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
टीबी स्क्रीनिंग और परिवार कल्याण कार्यक्रम पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा भी की गई। डॉ. परिहार ने क्षेत्र में टीबी स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाने और अधिक से अधिक संभावित मरीजों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नवदंपतियों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
मरचुरी के सामने अवैध कब्जे पर नाराजगी, कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर स्थित मरचुरी भवन के सामने अवैध कब्जे का मामला भी सामने आया। इस पर क्षेत्रीय संचालक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न कर सकता है, इसलिए प्रशासनिक समन्वय स्थापित कर इसे शीघ्र हटाया जाए।
वार्डों में पहुंचे अधिकारी, मरीजों से जाना हाल निरीक्षण के अंत में डॉ. परिहार ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया और भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार, दवा उपलब्धता तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। मरीजों द्वारा दी गई प्रतिक्रिया और उपलब्ध व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इस दौरान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (BMHO) डॉ. पी. सागर, डॉ. वी. के. जैन, डॉ. शुभम साकेत, डॉ. पवन दीपांकर, डॉ. गजेंद्र चौधरी, डॉ. आर. के. प्रजापति, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक जियाउद्दीन खान, ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर पूजा मोबिया, राम स्नेही विश्वकर्मा सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ एवं नर्सिंग टीम उपस्थित रही।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर मानसून के बीच बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और उच्च अधिकारियों के लगातार निरीक्षण यह संकेत दे रहे हैं कि जिले में डायरिया, डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले दिनों में इन व्यवस्थाओं का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
