बाघ के हमले में 50 वर्षीय ग्रामीण घायल, वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मानपुर परिक्षेत्र के सेमरा-सेमरी स्थित कठुलिया हार इलाके में रविवार दोपहर बाघ के हमले से एक 50 वर्षीय ग्रामीण घायल हो गया। घायल की पहचान सेमरी निवासी शंकर पटेल के रूप में हुई है। घटना के बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस बल और वन विभाग का अतिरिक्त अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को घटनास्थल से दूर कराया गया। बाघ की तलाश और उसे सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार निगरानी कर रही है।
रात में ही मिल गई थी बाघ की मौजूदगी की सूचना
बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 9 बजे वन विभाग को कठुलिया हार क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की सूचना मिली थी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बाघ के पगमार्क भी देखे थे, जिसके आधार पर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की गई।
इसके बावजूद रविवार सुबह तक इलाके में पर्याप्त सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। बाघ को देखने की उत्सुकता में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण संवेदनशील क्षेत्र में पहुंचने लगे। भीड़ बढ़ने के बावजूद उन्हें मौके से दूर रखने के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए।
दोपहर में अचानक ग्रामीण पर किया हमला
रविवार दोपहर करीब 12:10 बजे बाघ ने सेमरी निवासी शंकर पटेल पर अचानक हमला कर दिया। हमले में वह घायल हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद बाघ पीछे हटकर पास के नाले की ओर चला गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल ग्रामीण को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि वन विभाग और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर लोगों को घटनास्थल से हटाया।
15 घंटे बाद भी नहीं बनी सुरक्षा व्यवस्था
घटना को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार रात बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होने के बावजूद करीब 15 घंटे तक संवेदनशील क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग बाघ को देखने के लिए मौके पर पहुंचते रहे।
घटना के समय मौके पर करीब पांच मैदानी वनकर्मी मौजूद थे, लेकिन वन परिक्षेत्र मानपुर के किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते क्षेत्र में घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही रोक दी जाती, तो हादसे को टाला जा सकता था।
बाघ को पकड़ने रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना के बाद वन विभाग ने अतिरिक्त अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर तैनात की है। टीम बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उसे सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बाघ की मौजूदगी वाले क्षेत्र में न जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें।
फिलहाल इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और बाघ को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने की कार्रवाई जारी है।
