उमरिया के पनपथा बफर क्षेत्र की घटना; शावक के साथ घूम रही थी बाघिन, हमले में चरवाहा घायल

भैंसों की तलाश में जंगल में गया था चरवाहा
जानकारी के अनुसार रामनरेश पनपथा बफर क्षेत्र से लगी सीमा के पास अपनी भैंसें चरा रहा था। इसी दौरान उसकी दो भैंसें जंगल की ओर चली गईं। दोनों को तलाशते हुए रामनरेश अकेले ही जंगल के अंदर पहुंच गया। यह इलाका कोर और बफर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। रामनरेश भैंसों को खोज ही रहा था, तभी अचानक उसका सामना शावक के साथ मौजूद बाघिन से हो गया। बाघिन ने उसे देखते ही हमला कर दिया। चीख सुनकर दौड़ीं भैंसें घायल रामनरेश ने अस्पताल में बताया कि बाघिन के हमले के बाद उसने बचने के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई। इसी दौरान उसकी भैंसें वहां पहुंच गईं। भैंसों ने बाघिन को देखा तो वे उसकी ओर तेजी से दौड़ पड़ीं। भैंसों को अपनी ओर आता देख बाघिन पीछे हट गई और जंगल की तरफ भाग गई। इसके बाद रामनरेश किसी तरह सुरक्षित बाहर निकला। हालांकि हमले में उसके हाथ में चोट आई, जिसके बाद उसे मानपुर अस्पताल पहुंचाया गया।
बाघिन और शावक की मौजूदगी से वन विभाग सतर्क घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। पनपथा परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पाटले ने बताया कि घायल चरवाहे का उपचार जारी है। क्षेत्र में बाघिन के शावक के साथ मौजूद होने के कारण वन अमला लगातार निगरानी कर रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों और चरवाहों से जंगल में अकेले नहीं जाने, मवेशियों को चराते समय सतर्क रहने और बाघिन की मौजूदगी वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों को जंगल से सटे क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

