बांधवगढ़ में विश्व हाथी दिवस पर गूंजा संरक्षण का संदेश, बच्चों ने रामा-सूर्या को खिलाया गन्ना

जिले के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बुधवार को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ताला परिक्षेत्र में हुए कार्यक्रम में वन विभाग एवं टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्कूली बच्चों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा तथा मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के प्रति जागरूक किया।

रामा और सूर्या रहे कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पालतू हाथी रामा और सूर्या बच्चों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे। स्कूली बच्चों ने दोनों हाथियों को करीब से देखा और उन्हें गन्ना व फल खिलाकर खुशी जाहिर की। इस दौरान वन अमले ने हाथियों के व्यवहार, उनके संरक्षण और जंगल में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी।

 

 

बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को हाथियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने तथा जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग देने का संदेश भी दिया गया।

वन्यजीव निगरानी और रेस्क्यू में हाथियों की अहम भूमिका

बांधवगढ़ प्रबंधन के अनुसार, प्रशिक्षित पालतू हाथी केवल पर्यटन गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में बाघ एवं अन्य वन्यजीवों की निगरानी, ट्रैकिंग और रेस्क्यू अभियान के दौरान इनकी मदद ली जाती है।

हाथियों की मदद से वन अमले को ऐसे जंगल क्षेत्रों तक पहुंचने में आसानी होती है, जहां सामान्य वाहनों से पहुंचना मुश्किल होता है। यही वजह है कि बांधवगढ़ जैसे वन क्षेत्र में प्रशिक्षित हाथियों का महत्व और भी बढ़ जाता है।

मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर जोर

विश्व हाथी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मानव और हाथियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। वन विभाग ने लोगों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें, उनके प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें और किसी भी वन्यजीव से संबंधित घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और आम लोगों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ यह संदेश देना रहा कि हाथियों और अन्य वन्यजीवों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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