यम्मी स्पाइसी होटल मारपीट मामला: वतन प्रताप सिंह पहुंचे एसपी कार्यालय, निष्पक्ष जांच और नई धाराओं में कार्रवाई की उठाई मांग

शहर के बहुचर्चित यम्मी स्पाइसी होटल के सामने हुए विवाद और मारपीट मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। मामले में पीड़ित पक्ष के वतन प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल को विस्तृत आवेदन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा सभी आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

आवेदन में वतन प्रताप सिंह ने बताया कि 26 जुलाई की रात होटल के बाहर हुए विवाद के दौरान वह अपने साथियों के साथ बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया, जिसमें उन्हें और उनके साथियों को गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनकी कार में रखी करीब 1.42 लाख रुपये की नकदी, गले से चार तोले की सोने की चेन, हाथ की घड़ी तथा अन्य सामान भी छीन लिया गया। साथ ही उनके वाहन में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
वतन प्रताप सिंह का कहना है कि घटना की पूरी जानकारी पुलिस को देने के बावजूद सोहागपुर थाने में लूट, तोड़फोड़ और जानलेवा हमले से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर उचित धाराओं में प्रकरण दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दौरान उनके साथ मौजूद अन्य लोगों के साथ भी मारपीट हुई थी, इसलिए सभी पीड़ितों को समान रूप से न्याय मिलना चाहिए। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने आवेदन प्राप्त कर मामले की नियमानुसार जांच कराने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह मामला पहले से ही शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक के समक्ष अतिरिक्त आरोपों और तथ्यों के साथ आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस घटना को लेकर शहर में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और सोशल मीडिया पर कई अपुष्ट जानकारियां भी प्रसारित हो रही हैं। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल पुलिस अथवा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
