शासकीय शिक्षक दंपति, कथित संपत्ति सौदे और एडवोकेट की भूमिका पर उठे सवाल; पीड़ित ने कलेक्टर और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक संपत्ति विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। वार्ड क्रमांक 15 निवासी सौरभ तिवारी ने आरोप लगाया है कि अमरनाथ यात्रा से लौटने पर उनके पुश्तैनी मकान के एक हिस्से का ताला बदला हुआ मिला और वहां एक एडवोकेट के नाम का बोर्ड लगा था। शिकायतकर्ता का दावा है कि बाद में पहुंचे एडवोकेट ने मकान खरीदने की बात कही, जबकि सौरभ तिवारी का कहना है कि संबंधित लोगों को केवल रिश्तेदारी के आधार पर रहने की अनुमति दी गई थी, संपत्ति बेचने का कोई अधिकार नहीं था।
मामले में शासकीय शिक्षक दंपति पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि मकान के स्वामित्व, कथित विक्रय और सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर और पुलिस को दिए आवेदन में धमकी और दबाव के भी आरोप लगाए हैं। वहीं कुछ स्थानीय राजनीतिक लोगों की भूमिका होने का भी दावा किया गया है, जिसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब पूरे मामले पर जिला प्रशासन और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और कानूनी रूप से जिम्मेदारी किसकी बनती है। (यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और दिए गए आवेदन पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
