
Kamlesh Yadav | Umaria
देश के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में शामिल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। टाइगर रिजर्व के ताला परिक्षेत्र अंतर्गत मझखेता बीट में मानसूनी गश्ती के दौरान वन अमले को बाघ की अस्थियां एवं कंकाल बरामद हुआ। सूचना मिलते ही वन विभाग में सतर्कता बढ़ गई और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, कंकाल मिलने के बाद तत्काल डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। साथ ही मेटल डिटेक्टर के माध्यम से घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया गया, ताकि किसी भी प्रकार के संदिग्ध साक्ष्य या वन्यजीव अपराध से जुड़े संकेतों की जांच की जा सके।
वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मौके का निरीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया इसे बाघ का कंकाल होने की संभावना व्यक्त की गई। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कंकाल का विधिवत परीक्षण कराया गया।
वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व तथा सहायक पशु चिकित्सा शल्यज्ञ, ताला द्वारा प्रजाति एवं लिंग की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए आवश्यक जैविक सैंपल एकत्र किए गए। साथ ही पूरे घटनाक्रम का दस्तावेजीकरण एवं साक्ष्य संकलन किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंकाल का अग्नि-दहन कर विधिवत विनष्टीकरण किया गया।
वन विभाग का कहना है कि एकत्र किए गए सैंपलों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कंकाल किस बाघ का है, उसकी आयु क्या थी तथा मृत्यु के कारणों के संबंध में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल विभाग पूरे मामले की जांच नियमानुसार आगे बढ़ा रहा है।
