उमरिया में शिक्षा के लिए जान जोखिम में डाल रहे बच्चे, कमर तक पानी में उफनती बड़की नदी पार कर पहुंच रहे स्कूल
बारिश के बाद उफान पर आई बड़की नदी ने करकेली विकासखंड के मानिकपुर गांव के विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्कूल जाने के लिए करीब 40 बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के ये विद्यार्थी तेज बहाव और कमर तक पानी के बीच बड़की नदी पार कर बिलासपुर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंच रहे हैं।

सोमवार को सामने आए एक वीडियो ने बच्चों की इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया। वीडियो में कई विद्यार्थी एक साथ नदी पार करते दिखाई दे रहे हैं। नदी में तेज बहाव के बीच बच्चों का इस तरह आवागमन करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। खास बात यह है कि बारिश के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा भी बना रहता है।
एक किलोमीटर की दूरी के लिए 10 किलोमीटर का चक्कर
ग्रामीणों के मुताबिक, मानिकपुर गांव से बड़की नदी पार करने के बाद बिलासपुर स्थित स्कूल की दूरी करीब एक किलोमीटर ही है। नदी पार करने के रास्ते का इस्तेमाल नहीं करने पर विद्यार्थियों को करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। इसी वजह से समय और दूरी बचाने के लिए बच्चे जोखिम उठाकर नदी पार कर रहे हैं।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
सामान्य दिनों में जिस रास्ते से विद्यार्थी नदी पार कर लेते हैं, बारिश के मौसम में वही रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। पानी बढ़ने के साथ नदी का बहाव तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों के पैर फिसलने, बहाव में बहने या अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए इस तरह जान जोखिम में डालने की स्थिति बेहद चिंताजनक है। प्रशासन को बारिश के मौसम तक तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते या आवागमन की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पहले समस्या का समाधान हो सके।
स्कूल प्रबंधन को नहीं थी जानकारी
बिलासपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य अमित पटेल ने बताया कि उन्हें विद्यार्थियों के नदी पार करके स्कूल आने की जानकारी नहीं थी। बच्चों की ओर से भी इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को कोई सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल प्रभारी प्राचार्य के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रयास करेंगे।
शिक्षा विभाग ने जांच का दिया भरोसा
वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी बीएस बरकड़े ने कहा कि स्कूल के प्राचार्य से पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी और आवश्यक जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि विद्यार्थियों को नदी पार करके स्कूल आने की मजबूरी न रहे और उनके लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों की मांग है कि बारिश के दौरान प्रशासन तत्काल इस रास्ते पर वैकल्पिक व्यवस्था करे, ताकि शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।
