आजादी के दशकों बाद भी सड़क को तरस रहा टिकुरी टोला, बारिश में कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान
सरकारें गांवों के विकास और बेहतर सड़क सुविधाओं के दावे करती रही हैं, लेकिन उमरिया जिले के बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खाले कठई के टिकुरी टोला की तस्वीर इन दावों से अलग नजर आती है। ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के दशकों बाद भी उनके मोहल्ले में पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, टिकुरी टोला में सड़क की स्थिति बेहद खराब है। बारिश होते ही रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ और पानी भर जाता है, जबकि कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गड्ढों और फिसलन के कारण लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
सरपंच-सचिव से लेकर जनप्रतिनिधियों तक लगाई गुहार
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार सरपंच, सचिव और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। खराब रास्ते के कारण जरूरी काम के लिए गांव से बाहर आने-जाने में भी दिक्कत होती है।
विकास के दावों के बीच उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से टिकुरी टोला की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें वर्षों से इंतजार करना पड़ रहा है।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेते हैं या फिर हर साल की तरह इस बार भी बरसात के साथ सड़क की समस्या जस की तस बनी रहती है।
